चलो,अपने रास्ते को चमका दो तुम।
सुनो, क्यों रुक गए हो तुम?
सुनो, क्या डर गए हो तुम?
सुनो, क्या हुआ हैं तुम्हें?
सुनो, किसने रोका हैं तुम्हें?
देखो, बाधाओं के पार उग रहा है सूरज,
देखो, बिखर रही है उसकी उजली किरणें।
हाँ, देखो, हर रात के बाद होती है सुबह।
सुनो, फिर हिम्मत जुटाओ तुम,
सुनो, हर अंधेरा हो जाएगा दूर।
सुनो, विश्वास को फिर जगाओ तुम,
देखो, दिल की वो दबी उमंग।
देखो, आसमान में उड़ता जहाज़,
सुनो, भर देगा वो तुम्हारी उड़ान
सुनो, मत सोचो हारने की बात,
सुनो, अब करो तुम सिर्फ जीने की बात।
सुनो, हौसला रखो, और कर लो सपने सच।
देखो, हर चुनौती में छिपा है एक अवसर,
सुनो, बस अपने पंख खोल लो तुम
प्यार की मीठी आवाज़ सुन लो ना तुम
छिपा है उन में विश्वास का गहरा एहसास।
सुनो, हर बाधा करेंगे दूर हम और तुम
सुनो, बनाएंगे हर कदम को मजबूत।
सपनों की इस उड़ान में बनोगे नूर तुम
सुनो, अब रुकना नहीं है तुम्हें,
पंख फैलाकर ऊँची उड़ान भरनी है तुम्हें।
क्योंकि जीवन है एक खूबसूरत सफर,
बस चलो, और अपने रास्ते को चमका दो तुम।
बस चलो, और अपने रास्ते को चमका दो तुम।
मन विमल
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Navaratri: Nine Nights of Devotion, a Lifetime of Learning
Navaratri: Nine Nights of Devotion, a Lifetime of Learning सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणी नमोऽस्तु ...
-
River Into the Ocean: Reflections Before Retirement... I shall be turning sixty soon and with that, retiring from Government after more than...
-
Rajinikanth...Rajini, Rajini,Rajini... When I joined the revenue and forest department of Maharashtra as a Deputy Collector way back in 199...
-
Saturday morning and the Change of Guard at Rashtrapati Bhavan.... Two weeks ago, a message appeared on one of the WhatsApp groups of which...
No comments:
Post a Comment