Saturday, 13 June 2020

ममत्व का मान ...A verse on Vishnu's 15th birthday

ममत्व का मान ....

तुम पंद्रह के हो आज....
लगता हैँ कल की बात थी
जब हुआ था तुम्हारा जन्म
जी उठी थी मै
पुलकित हुआ था मन
ना पूजा प्रार्थना या उपासना
यूं हुआ तुम्हारा आगमन
नियति ने समझा जैसे
मेरे मन का रुदन
मूक भावों को मिले हो शब्द
सूनी गोद को सुकून
स्मित हास्य से तुम्हारी
खिल उठा रोम रोम
मेरी बाहों को भर देता
तुम्हारा स्नेह भरा आलिंगन
जगा देता आत्मविश्वास
तुम्हारा सहज़ समर्पण
न्यारी बातें तुम्हारी
उत्साहित करती मुझे
अकेले सफर में जैसे
अंतरंग मित्र प्रसन्न
ईश्वरीय वरदान या
ईशवर की छवी तुम
पूर्ण हुआ मेरा जीवन 
माँ बन समझा ममत्व...

मन विमल














No comments:

Post a Comment

The Bane of Comparison: Measuring Life with the Wrong Scale

The Bane of Comparison: Measuring Life with the Wrong Scale "Look at him." "Look at her." "Look at X's daughter...